Nutrition | Component of food|Roughage |Carbohydrates


पोषण (Nutrition)-

उन सभी क्रियाओ का कुल योग हैं जो भोजन के अंतर्गत पाचन पचे हुये भोजन के अवशोषण और अपचित भोजन के बहिष्कार से संबन्धित है पोषण मुख्यतया दो प्रकार का होता है 

स्वपोषण –

जीव अपना भोजन स्वयं बनाते है जैसे -सभी हरे पौधे, कुछ एककोशिकीय जीव -युग्लीना क्लेमैडोमोनाज़, वॉलवॉक्स 

परपोषण (Food)-

भोजन वह पोषक पदार्थ है जो किसी जीव द्वारा वृद्धि कार्य मरम्मत और जीवन क्रियाओ के संचालन हेतु ग्रहण किया जाता है यह विभिन्न पदार्थो का मिश्रण होता है जिसकी मात्रा एवं उसके अवयव भिन्न भिन्न हो सकते है 

भोजन के अवयव (Component of Food)

भोजन के सात मुख्य अवयव निम्नलिखित है 

1-कार्बोहाइड्रेट 

2-वसा 

3-प्रोटीन 

4-विटामिन 

5-खनिज लवण 

6-जल 

7-मोटा चारा (Roughage)

कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrates)

कार्बोहाइड्रेट, पोलीहाइड्रोक्सी एल्डिहाइड अथवा कीटोन होते है C, H, एवं O का अनुपात सामान्यतया 1:2:1 होता है 

सामान्य सूत्र Cn(H2O)n OR CnH2nOn, n= कार्बन परमाणुओं की संख्या 

कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर हेतु मुख्य ऊर्जा के स्रोत्र है ये आक्सीकरण के पश्चात् शरीर मे ऊर्जा उत्पन्न करते है 

1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट के आक्सीकरण 17 किलो जुल ऊर्जा अथवा 4.1 किलोकैलोरी ऊर्जा निकलती है 

हमारे भोजन की कुल ऊर्जा मे से लगभग 60-80% ऊर्जा कार्बोहाइड्रेट से आती है 

कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर का लगभग 1% भाग बनाते है 

कार्बोहाइड्रेटके प्रकार (Type of Carbohydrates)

शर्करा अणुओ के आधार पर इन्हे तीन भागो मे बांटा जा सकता है 

1- मोनोसैकेराइड्स – ये मोनोसैकेराइड्सकी दो इकाइयों के बने होते है 

जैसे – ग्लूकोज, फ्रक्टोज़, गेलेक्टोज 

2-डाईसैकेराइड्स- ये मोनो सैकेराइड्स की दो इकाइयों के बने होते है जैसे -सुक्रोज (चीनी), माल्टोज (दुग्ध शर्करा)

3-पोलीसैकेराइड्स – ये बहुत सी मोनोसैकेराइड्स इकाइयों के ग्लाइकोसाइडिक बंध द्वारा जुड़ने से बनते है 

जैसे सैल्यूलोज, स्टार्च, (आलू मे ) ग्लाइकॉल (जन्तु यकृत मे ) काइटिन (आर्थोपोडस के कवच ) हैलूरिक अम्ल 

भोजन मे कार्बोहाइड्रेट् –(Carbohydrates in foods)-

भोजन मे पाये जाने वाले कुछ कार्बोहाइड्रेट निम्न है 

सेल्यूलोज (cellulose )-

यह पौधे की कोशिका भित्ति मे पाया जाता है 

कपास एवं कागज़ शुद्ध सैल्यूलोज के बने होते है यह ग्लूकोज का बहुलक है 

पशुओ जैसे गाय, भैस बकरी आदि मे सैल्यूलोज का पाचन होता है परन्तु मनुष्य मे इसका पाचन नहीं होता 

शर्करा (Sugar)-

यह मीठा, क्रिस्टलींय, सफेद, जल मे घुलनशील पदार्थ है मुख्यतया फलो मे पाया जाता है 

ग्लूकोज शर्करा की अतिरिक्त मात्रा, यकृत मे ग्लाइकोजन के रूप मे तथा शरीर के अन्य भागो मे वसा के रूप मे तथा शरीर के अन्य भागो मे वसा के रूप मे संग्रहित रहतीं है 

यकृत की ग्लाइकोजन, रुधिर मे शर्करा का स्तर नियंत्रित करती है 

स्टार्च (Starch)- 

पादप कोशिकाओं का संग्रहित पदार्थ है 

रासायनिक रूप से यह एमाइलेज एवं एमाइलोपेक्टीन का मिश्रण है जिनमे इनका अनुपात 1:4 होता है 

तनु HCL द्वारा यह ग्लूकोज मे अपघटित हो जाता है 

कार्बोहाइड्रेट के स्रोत्र (Source of Carbohydrates)

इसके मुख्य स्रोत्र आलू, फल, केला, आम, अनाज चावल गेहूं मक्का शर्करा (शहद गन्ना, चुकंदर, जैम, रोटी दूध आदि )

कार्बोहाइड्रेट् की अत्यधिक मात्रा लेने से पाचन तंत्र संबंधी रोगी हो जाते है 

कार्बोहाइड्रेट् की अत्यधिक मात्रा लेने से बच्चों एवं वयस्कों मे मोटापा हो जाता है 

वसा (Fats)-

वसा वसीय अम्लों एवं ग्लिसरॉल से बना यौगिक है जो कार्बन(C) हाइड्रोजन (H) एवं आक्सीजन (O) का बना होता है 

इससे अत्यधिक कैलोरी (ऊर्जा ) होती है और ये आवश्यक वसा अम्लों के मुख्य स्रोत्र है 

1 ग्राम वसा के आक्सीकरण द्वारा 37 किलोजुल ऊर्जा या 9 किलो कैलोरी ऊर्जा उत्पन्न होती है 

ये जल मे अविलेय एवं एसीटोन बैंजीन क्लोरोफार्म आदि मे विलेय होते है 

जन्तु वसाए अर्द्ध ठोस होती है जबकि वनस्पति वसाए तरल रूप मे होती है तथा तेल कहलाती है 

वसा के स्रोत्र (Source of Fats)

घी, मक्खन, बादाम, पनीर, अंडा योक, मांस सोयाबीन और सभी वनस्पति तेल वसा के मुख्य स्रोत्र है 

वसा की अल्पता से त्वचा सुखी हो जाती है 

वसा की अल्पता से त्वचा सुखी हो जाती है 

वसा की कमी के कारण वसा मे घुलनशील विटामिनो की भी कमी हो जाती है 

वसा की अत्यधिक मात्रा के सेवन से मोटापा हो जाता है 

कोलेस्ट्रॉल के स्तर मे वृद्धि से हृदय रोग उत्पन्न हो जाता है 

प्रोटीन (Proteins)-

प्रोटीन शब्द जे बर्जीलियस ने 1930 मे प्रतिपादित किया था 

प्रोटीन अमीनो अम्लों का बहुलक है 

प्रोटीन, कार्बन C , हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, एवं नाइट्रोजन से बनी होती है कुछ प्रोटीन मे गंधक (S) फास्फोरस  और लौह (Fe) भी पाया जाता है 

प्रोटीन मे लगभग 20 प्रकार के अमीनो अम्ल पाए जाते है 

प्रोटीन के स्रोत्र (Source of Proteins)-

प्रोटीन के मुख्य स्रोत्र दाले, मछली, अण्डा, पत्तीदार सब्जियाँ, दूध, फल, सोयाबीन, मटर, सेम, पनीर, दही है 

प्रोटीन की कमी से बच्चों मे सूखा रोग (Marasmus) एवं कवशरकोर रोग उत्पन्न हो जाता है 

विटामिन (Vitamins)-

विटामिन शब्द फंक (Funk) ने प्रतिपादित किया था 

इन्हे इनकी घुलनशील के आधार पर दो भागो मे विभाजित किया जाता है 

जल मे घुलनशील विटामिन -विटामिन B  – काम्प्लैक्स, विटामिन C 

वसा मे घुलनशील-  विटामिन A, विटामिन D, विटामिन E, विटामिन K, 

खनिज लवण (Mineral Salts)

धातु, अधातु एवं उनके लवण खनिज लवण कहलाते है ये हमारे शरीर का लगभग 4% भाग  बनाते है 

खनिज लवण दो प्रकार के होते है 

1- वृहत पोषक (Macronutrient)– इन तत्वों की शरीर को अधिक मात्रा मे आवश्यकता होती है उदाहरण -(Ca, P, K, S, Na, Cl, और Mg, )

2-सूक्ष्म पोषक (Micronutrient)-इन तत्वों की शरीर को बहुत कम मात्रा मे आवश्यकता होती है उदाहरण -(Fe, I,Co, F, Mo, और Fe )

जल (Water)-

यह एक अकार्बनिक पदार्थ है 

मानव शरीर मे लगभग 60-65%जल है 

यह पसीने एवं वाष्पन द्वारा शरीर का ताप नियंत्रित करता है 

यह पाचन, परिवहन एवं उतसर्जन मे सहायक है 

इसके मुख्य स्रोत्र उपापचयी जल तरल भोजन और पीने का जल है 

इसकी कमी से निर्जलीकरण (Dehydration )हो जाता है 

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