Biology Objective – मेडल के आनुवंशिकता का सिद्धांत – Biology


आनुवंशिकता के जनक के रूप में विख्यात वैज्ञानिक हैं -(जी जे मंडल)
मंडल ने अपने चीर प्रतिष्ठित वंशागति नियमों को प्रतिपादित करने में जिस जीवधारी का उपयोग किया वह था -(गार्डन की मटर मेंडल)

मेडल के आनुवंशिकता का सिद्धांत आधारित है लैंगिक
जीनोम चित्रण का संबंध है जींस के चित्रण से
जिओ में अनुवांशिकता लक्षण संतान में लाए जाते हैं क्रोमोसोम द्वारा
हमारे शरीर मैं आनुवंशिकता की इकाई को कहते हैं -(जीन )
डीएनए में उपलब्ध व योगिक जो एमिनो अम्ल नहीं बनाता -(टायरोसिन )
डीएनए में मौजूद शर्करा होती है-( डी ऑक्सी राइबो )


वह फसल जिसमें नील हरित शैवाल मुख्यतः उर्वरक के रूप में प्रयोग होते हैं -(धान)
नील हरित शैवाल का उपयोग नत्रजन आपूर्ति हेतु किया जाता है -(धान को )
एजोला एक अच्छा उर्वरक होता है -(नील हरित शैवाल को साथ मिलाने से)
एजोला बहुधा जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसका सहचारी है -(नील हरित शैवाल)


एजोला है एक -(जलीय फर्न )
जलीय फर्न जिसे जैव उर्वरक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है वह है -(साइनोबैक्टीरिया)
साइनोबैक्टीरिया प्रोटोजोआ तथा विषाणु में से वह जो जैव उर्वेरक रूप में प्रयोग होते हैं- (सायनोबैक्टीरिया )
फसल उत्पादन में नत्रजन उपयोग क्षमता की वृद्धि की जा सकती है -(उर्वरक की मात्रा के बार-बार प्रयोग द्वारा)
सोयाबीन में नत्रजन स्थिरीकरण के लिए जिम्मेदार वैक्तरिया है -( राइजोबियम जैपोनिकम)

मेंडल के आनुवंशिकता का सिद्धांत आधारित है -(लैंगिक जनन पर )
जीनोम चित्रण का संबंध है -(जींस के चित्रण से)
जीनोम में अनुवांशिकता लक्षण संतान में लाए जाते हैं-( क्रोमोसोम द्वारा)
हमारे शरीर मैं आनुवंशिकता की इकाई को कहते हैं -(जीन )
डीएनए में उपलब्ध व योगिक जो एमिनो अम्ल नहीं बनाता -(टायरोसिन )
डीएनए में मौजूद शर्करा होती है-( डी ऑक्सी राइबो)


वह फसल जिसमें नील हरित शैवाल मुख्यतः उर्वरक के रूप में प्रयोग होते हैं -(धान)
नील हरित शैवाल का उपयोग नत्रजन आपूर्ति हेतु किया जाता है -(धान को )
एजोला एक अच्छा उर्वरक होता है -(नील हरित शैवाल को साथ मिलाने से)
एजोला बहुधा जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग किया जाता है क्योंकि इसका सहचारी है -(नील हरित शैवाल)
एजोला है एक -(जलीय फर्न )


जलीय फर्न जिसे जैव उर्वरक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है वह है -(साइनोबैक्टीरिया)
साइनोबैक्टीरिया प्रोटोजोआ तथा विषाणु में से वह जो जैव उर्वेरक रूप में प्रयोग होते हैं- (सायनोबैक्टीरिया )
फसल उत्पादन में नत्रजन उपयोग क्षमता की वृद्धि की जा सकती है -(उर्वरक की मात्रा के बार-बार प्रयोग द्वारा)
सोयाबीन में नत्रजन स्थिरीकरण के लिए जिम्मेदार वैक्तरिया है -( राइजोबियम जैपोनिकम)

नाभिक के अलावा कोशिका के जिस कोशिकांग में डीएनए होता है वह है-(Mitrokandiya)
साधारण मनुष्य में गुणसूत्र होते हैं – (46)
मानव शरीर की कोशिकाओं में पाए जाने वाले गुणसूत्र जोड़ों की संख्या है -( 23)
जीवो में अधिक विविधता का कारण है -(उत्परिवर्तन)
लिंग गुणसूत्र नहीं होते हैं-( छिपकली में)
पादप कोशिका जंतु कोशिका से जंतु कोशिका से भिन्न होती है-( कोशिका भित्ति के कारण)


जंतु कोशिका में अनुपस्थित होती है -(सेलुलोज की कोशिका भित्ति)
जैव कोशिका का वह भाग जो पावर हाउस कहलाता है- (Mitrokandiya)

प्लाज्मा झिल्ली बनी होती है -(प्रोटीन एवं लिपिड से)
प्रोटीन संश्लेषण में सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका है -(अंत द्रव्य जालिका और राइबोसोम की)
लसीका कोशिका बनती है- (तिल्ली से)

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