Indian Constitution- लोकसभा – Indian Polity – रचना या संगठन –


लोकसभा –

रचना या संगठन –

लोकसभा संसद का प्रथम निम्न सदन है 

इसे लोकप्रिय सदन भी कहते है क्योंकि इसके सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते है 

लोकसभा राज्य सभा से अत्यधिक शक्तिशाली है 

वर्तमान में लोकसभा की अधिकतम सदस्य 552 हो सकती है 

इसमे से 530 सदस्यों का निर्वाचन राज्यों से 20 सदस्यों का निर्वाचन संघ शासित क्षेत्रो से तथा 2 आंग्ला भारतीय का मनोनयन राष्ट्रपति के द्वारा होता है 

सदस्यों के लिए योग्यताए –

वह व्यक्ति भारत का नागरिक हो 

उसकी आयु 25 वर्ष या इससे अधिक हो 

भारत सरकार अथवा किसी राज्य सरकार के अंतर्गत वह कोई लाभ का पद धारण न किए हुये हो 

वह  किसी न्यायालय द्वारा पागल न ठहराया गया हो तथा दिवालिया न हो 

लोकसभा : महत्वपूर्ण तथ्य —

लोकसभा का कार्यकाल 5 वर्ष का है 

प्रधानमंत्री के परामर्श के आधार पर राष्ट्रपति के द्वारा लोकसभा को समय से पूर्व भी भंग किया जा सकता है 

ऐसा अब तक 9 बार 1970, 1977, 1979, 1984, 1991, 1997, 1999, 2004 में किया गया है 

संकटकाल की घोषणा लागू होने पर संसद विधि द्वारा लोकसभा के कार्यकाल में वृद्धि कर सकती है जो एक बार में एक वर्ष से अधिक नहीं होंगी, 

लोकसभा और राजयसभा के किसी विषय पर गतिरोध होने की स्थिति में संविधान के अनुच्छेद 108 में संयुक्त अधिवेशन की व्यवस्था की गई है, 

संयुक्त अधिवेशन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है और संयुक्त अधिवेशन में विधेयक के भाग्य का निर्णय दोनों सदनों के समस्त उपस्थित और मतदान में भाग लेने वाले सदस्यों के बहुमत से होता है 

वित्त विधेयक के सम्बन्ध में लोकसभा का निर्णय अंतिम होता है अत विधेयक पर संयुक्त अधिवेशन की कोई व्यवस्था नहीं है 

लोकसभा अध्यक्ष यह निर्णय करता है कि कोई विधेयक वित्त विधेयक है या नहीं 

इसी प्रकार संविधान संशोधन विधेयक पर भी संयुक्त अधिवेशन की कोई व्यवस्था नहीं है, 

अभी तक संसदीय इतिहास में संसद के तीन संयुक्त अधिवेशन हो चुके है, 

दहेज़ अधिनियम (6 और 9 मई 1961) बैंकिग सेवा कानून (19 मई 1978) पोता (26 मई 2002) 

लोकसभा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष —

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 93 के अनुसार लोकसभा स्वयं ही अपने सदस्यों में से एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष निर्वाचित करेंगी 

अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को उसके पद से हटाया भी जा सकता है यदि लोकसभा के तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से इस आशय का प्रस्ताव पास हो जाये, 

अध्यक्ष द्वारा पद त्याग पदच्युति या अन्य किसी कारण  से अध्यक्ष की अनुपस्थित की शक्ति में उपाध्यक्ष लोकसभा की अध्यक्षता करता है,. 

लोकसभा अध्यक्ष के कार्य और शक्तिया —

लोकसभा अध्यक्ष लोकसभा की सभी बैठको की अध्यक्षता करता है 

यदि कोई सदस्य उसकी आज्ञा का पालन न  करे तो वह उसकी सदस्य्ता को निलंबित कर सकता है 

लोकसभा का समस्त कार्यक्रम और कार्यवाही अध्यक्ष के द्वारा ही निश्चित की जाती है प्रश्नों को स्वीकार या अस्वीकार करने का कार्य वही करता है 

और कम रोको प्रस्ताव भी उसकी अनुमति से ही पेश हो सकता है 

वह संसद की कुछ समितियों का पदेन सभापति भी होता है 

संसद और राष्ट्रपति के मध्य सभी पत्र व्यवहार उसके द्वारा ही होता है 

राज्यसभा —

राज्य सभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 हो सकती है 

इसमें 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते है ये व्यक्ति कला साहित्य, विज्ञानं, समाजसेवा या सहकारिता के क्षेत्र से सम्बंधित होते है, 

राज्य सभा सदस्य संघ की इकाइयो का प्रतिनिधित्व करते है और ये जनता के द्वारा  अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होते है, 

इसका चूनाव एकल सक्रमणीय मत तथा आनुपातिक प्रतिनिधित्व की पद्धति के अनुसार संघ के विभिन्न राज्यों और संघीय क्षेत्रो की विधानसभाओ के सदस्यों द्वारा किया जाता है 

संघ की इकाइयों को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व जनसंख्या के आधार पर दिया गया है 

सदस्यों की योग्यताएँ –

राज्यसभा के सदस्यों के लिए अन्य सभी योग्यताए वही है जो  लोकसभा के सदस्यों के लिए है अन्तर केवल यह है कि लोकसभा की लोकसभा की सद्स्य्ता के लिए 25 वर्ष kee आयु होनी चाहिये किन्तु राज्यसभा की सद्स्य्ता के लिए 30 वर्ष बाद सेवानिवृत हो जाते है 

राज्य सभा के पदाधिकारियों —

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 89 में राज्यसभा का सभापति एवं उपसभापति की व्यवस्था की गई है 

भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है और उसका कार्यकाल 5 वर्ष का है 

राज्यसभा अपने सदस्यों में से किसी एक को 6 वर्ष के लिए उपराष्ट्रपति निर्वाचित करती है 

निति आयोग —

केंद्र सरकार द्वारा योजना आयोग की जगह अब निति आयोग ( National Institutional for transforming  india)

का गठन किया गया है निति आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होंगे तथा एक उपाध्यक्ष तथा विवेक देवराय तथा बी के सारस्वत को पूर्णकालिक सदस्य बनाया गया है 

पदेन सदस्य 

राजनाथ सिंह (गृहमंत्री )

अरुण जेटली ( वित्त मन्त्री )

सुरेश प्रभु ( रेल मन्त्री )

राधा मोहन सिंह ( क़ृषि मन्त्री )

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